पटना , जून 14 -- राज्यभर के वाहनों में अवैध रूप से इस्तेमाल हो रहे प्रेशर हॉर्न एवं मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न के खिलाफ परिवहन विभाग जांच और कार्रवाई करने जा रहा है। इस संबंध में परिवहन सचिव राज कुमार ने राज्यव्यापी विशेष जांच एवं प्रवर्तन अभियान चलाने का निर्देश दिया है।

अभियान के तहत सभी जिलों में वाहनों एवं स्कूली वाहनों की सघन जांच होगी। जांच के दौरान उच्च तीव्रता वाले हॉर्न का उपयोग पाए जाने पर संबंधित वाहन के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 190(2) के तहत कार्रवाई की जाएगी।

मानक स्तर से अधिक ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले प्रेशर हॉर्न एवं मल्टी ट्यून्ड हॉर्न का उपयोग करना मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 190 (2) के तहत दंडनीय अपराध है। इससे ना केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ाता है, बल्कि सड़क सुरक्षा एवं आमजन की सुविधा के लिए भी गंभीर चुनौती है। अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों एवं घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इनके उपयोग से आम लोगों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है।

प्रेशर हॉर्न एवं मल्टी ट्यून्ड हॉर्न के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के लिए राज्य परिवहन आयुक्त(एसटीसी)आरिफ अहसन ने सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारी(डीटीओ) को निर्देश दिया है। इसके साथ ही सभी नगर आयुक्त को पत्र जारी कर निगम के वाहनों में भी प्रयुक्त होने वाले प्रेशर हॉर्न को हटाने का निर्देश दिया गया है।

विभाग ने जिलों को निर्देश दिया है कि ऐसे हॉर्न की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों पर धावा दल के माध्यम से छापेमारी कर हॉर्नों को जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

परिवहन सचिव ने वाहन चालकों एवं वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में प्रेशर हॉर्न या मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न का प्रयोग न करें तथा सुरक्षित, शांत एवं नियमसम्मत यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित