बलरामपुर , अक्टूबर 06 -- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में विवाह पूर्व प्रेम संबंध को लेकर उपजे विवाद में एक युवक की कथित तौर पर कुल्हाड़ी से हत्या करने और शव के सिर तथा धड़ को अलग-अलग स्थानों पर छिपाने के मामले में पुलिस ने एक दंपती को गिरफ्तार किया है। यह घटना पस्ता थाना क्षेत्र की है।
पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान कोदौरा गांव निवासी वसीम अंसारी (35) के रूप में हुई है। मामले में ग्राम कोटडीह निवासी सोनू खैरवार (30) और उसकी पत्नी मनबासो खैरवार (25) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक वसीम अंसारी दो अक्टूबर की शाम करीब छह बजे एक्टिवा से घर से निकला था। देर रात तक उसके वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। अगले दिन सुबह करीब आठ बजे उसकी एक्टिवा मक्का बाड़ी के पास मिली लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद तीन अक्टूबर को उसके भाई अमीम अंसारी ने डौरा चौकी में गुमशुदगी दर्ज कराई।
जांच के दौरान पुलिस को चिल्मा उबका जंगल में नाले के पास एक गड्ढे में कटा हुआ सिर दफन होने की सूचना मिली। पुलिस ने मृतक के भाई से उसकी पहचान कराई, जिसने सिर की पहचान वसीम के रूप में की। उस समय धड़ वहां नहीं मिला था। आगे की जांच में सिर झाड़ियों के पास गड्ढे में तथा धड़ उससे करीब 200 मीटर दूर एक अन्य गड्ढे में मिला।
पुलिस ने संदेह के आधार पर सोनू खैरवार और उसकी पत्नी मनबासो खैरवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों की वारदात में संलिप्तता सामने आई। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि मनबासो का शादी से पहले वसीम से प्रेम संबंध था। इसकी जानकारी उसके पति सोनू को होने के बाद दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। पुलिस के अनुसार मनबासो इस संबंध को समाप्त करना चाहती थी, जबकि वसीम कथित तौर पर संबंध बनाए रखने का दबाव डाल रहा था। इसी विवाद के चलते दंपती ने उसकी हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के मुताबिक दो अक्टूबर की शाम करीब सात बजे मनबासो ने फोन कर वसीम को जंगल के पास मिलने के लिए बुलाया। वहां पहुंचने पर मनबासो और सोनू ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से उस पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पहचान और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव का सिर और धड़ अलग कर अलग-अलग स्थानों पर छिपा दिया गया। पांच अक्टूबर को वसीम का कटा सिर झाड़ियों के पास गड्ढे में और धड़ करीब 200 मीटर दूर दूसरे गड्ढे से बरामद किया गया।
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