बेंगलुरु , जुलाई 05 -- कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने रविवार को अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी के कथित मामले पर राजनीतिक लड़ाई को और तेज़ कर दिया और आरोप लगाया कि मंदिर ट्रस्ट में अपनी सहयोगी संस्थाओं की मौजूदगी के बावजूद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) इस विवाद से खुद को अलग करने की कोशिश कर रहा है।

श्री खरगे ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने नारे को "राष्ट्र प्रथम" से बदलकर "चंदा प्रथम" कर दिया है। उन्होंने संघ परिवार पर कड़ा हमला करते हुए कहा कि जब 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' के कई पदाधिकारी संगठन से गहराई से जुड़े हुए हैं, तो आरएसएस अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकता। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "आरएसएस इस मामले से अपना पल्ला नहीं झाड़ सकता। अगर ट्रस्ट के सदस्य आरएसएस से जुड़े हैं, तो जवाबदेही से बचा नहीं जा सकता।" उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा भक्तों से मिले दान के मामले में पूरी पारदर्शिता बरतने के बजाय ज़िम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है।

श्री खरगे नेकहा, " भाजपा और आरएसएस के लिए अब 'राष्ट्र प्रथम' नहीं, बल्कि 'दान प्रथम' हो गया है।" साथ ही, उन्होंने इस विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कर्नाटक के मंत्री ने कहा कि मंदिर के दान में हेराफेरी के दोषी पाए जाने वाले लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वे किसी भी राजनीतिक या वैचारिक विचारधारा से जुड़े हों।

अयोध्या राम मंदिर के लिए इकट्ठा किए गए दान में हेराफेरी के आरोपों को लेकर बढ़ते राजनीतिक विवाद के बीच श्री खरगे का यह बयान आया है। कांग्रेस इस मामले में भाजपा और आरएसएस दोनों को राजनीतिक रूप से जवाबदेह ठहराने की कोशिश कर रही है।

आरएसएस ने इस कथित चोरी को भक्तों के लिए "बहुत दुखद" बताया है और ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की मांग की है, जबकि भाजपा ने श्री खरगे के ताज़ा आरोपों पर अभी तक विस्तृत जवाब नहीं दिया है।

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