नयी दिल्ली , जुलाई 28 -- कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की ओर से शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर की गयी एक टिप्पणी पर मंगलवार को लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ और सत्तापक्ष तथा विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
सुश्री वाड्रा ने 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान शिक्षा मंत्री जोशी को लेकर एक टिप्पणी की। इस पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सुश्री वाड्रा ने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया है और उसे सदन की कार्यवाही से हटाया जाना चाहिए। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी और हंगामा करने लगे।
हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने और तथ्यों के आधार पर ही सदन में अपनी बात रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के सदन में कोई बात नहीं कही जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अग्रिम नोटिस के बिना कोई सदस्य किसी पर आरोप नहीं लगा सकता।
श्री जोशी ने सुश्री वाड्रा के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उन्हें अपने आरोपों को सत्यापित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा कही गयी बातों का वह खंडन करते हैं और उन्हें अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
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