, Sept. 13 -- उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि तकनीकी बदलाव से भयभीत होने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसे आगे बढ़ने और अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने के अवसर के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) शिक्षक का विकल्प नहीं हो सकती। विद्यार्थियों में संस्कार और मानवीय मूल्यों का विकास एआई नहीं, बल्कि शिक्षक ही कर सकते हैं।
श्री सिंह टाइगर ने कहा कि प्रत्येक शिक्षक को विद्यार्थियों की व्यक्तिगत क्षमता और उनकी जरूरतों को समझने का प्रयास करना चाहिए। विशेष रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर ध्यान देकर उनके भीतर आत्मविश्वास पैदा करना शिक्षक के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक हो सकता है।
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