निवाड़ी , अक्टूबर 27 -- मध्यप्रदेश में निवाड़ी जिला कलेक्टर जमुना भिड़े ने निवाड़ी विकासखंड के ग्राम चचावली और नेगुआ का भ्रमण कर प्राकृतिक, जैविक एवं औषधीय खेती की गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने किसानों से संवाद कर खेती की लागत कम करने, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने और आय बढ़ाने के लिए वैकल्पिक फसलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
ग्राम चचावली में कलेक्टर ने आत्मा योजना और प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत प्रगतिशील किसानों के यहां स्थापित बायो रिसोर्स सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां तैयार किए जा रहे जीवामृत और अन्य प्राकृतिक कृषि आदानों की जानकारी ली तथा इनके उपयोग से उत्पादित धान, अरहर और ज्वार की फसलों का अवलोकन किया। उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने और स्थानीय स्तर पर जीवामृत व जैविक खाद तैयार करने की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया।
ग्राम नेगुआ में कलेक्टर ने परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत की जा रही औषधीय खेती का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों द्वारा उगाई जा रही राम तुलसी और श्याम तुलसी की फसलों को देखा तथा बुआई, उत्पादन, फसल प्रबंधन और विपणन की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। किसानों ने तुलसी की खेती से जुड़ी उत्पादन लागत, आमदनी और बाजार में मांग के अपने अनुभव साझा किए।
कलेक्टर ने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती की पद्धतियां अपनाने और औषधीय फसलों की बाजार संभावनाओं की जानकारी लेकर खेती के विविध विकल्प तलाशने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती और औषधीय फसलों को प्रोत्साहन देने से खेती की लागत नियंत्रित करने तथा किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाओं को बल मिल सकता है। भ्रमण के दौरान कृषि विभाग के डीडीए हरीश मालवीय, भारत राजवंशी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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