मुरादाबाद , मई 27 -- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में संभावित प्राकृतिक आपदाओं, विशेषकर सूखा और बाढ़-2026 से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सूखा प्रबंधन और बाढ़ पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों से कहा कि आगामी एक जून तक उनके कार्यालयों के सभी कर्मचारियों द्वारा 'सचेत ऐप' डाउनलोड कराने का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व सूचना और सतर्कता के लिए यह ऐप अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने आपदा मित्रों के माध्यम से आमजन को भी इसे डाउनलोड करने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए। इसके अलावा कलेक्ट्रेट परिसर में पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापित करने और आपदा प्रबंधन निधि के पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करने को कहा।
हीट वेव और बढ़ते तापमान को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक सीएचसी और पीएचसी पर जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने को कहा गया।
नगर निगम को नालों में जलभराव रोकने के लिए पॉलिथीन के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, जबकि सिंचाई विभाग को बाढ़ संभावित क्षेत्रों में तटबंधों की मरम्मत और सुरक्षा ऑडिट समय से पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति तथा आपदा विशेषज्ञ द्वारा नदियों की सटीक जानकारी उपलब्ध न कराने पर नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ममता मालवीय ने बताया कि जिले में वर्तमान में 29 बाढ़ शरणालय और 35 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष बाढ़ प्रभावित रहे 109 गांवों में स्थानीय लोगों को आपदा से बचाव का प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है, ताकि जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।
बैठक में अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक शर्मा समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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