चंडीगढ़ , जुलाई 21 -- पंजाब के निजी स्कूल संगठनों ने राज्य सरकार के उस आदेश का विरोध किया है, जिसमें निजी स्कूलों की वार्षिक फीस वृद्धि पांच प्रतिशत तक सीमित करने और पिछले तीन वर्षों में निर्धारित सीमा से अधिक वसूली गई फीस लौटाने का प्रावधान किया गया है।

चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलायंस (निसा) के अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा और रिकॉग्नाइज्ड एफिलिएटेड स्कूल्स एसोसिएशन (रासा) पंजाब के चेयरमैन हरपाल सिंह (यूके) ने आज कहा कि इस फैसले से निजी स्कूलों की आर्थिक स्थिति कमजोर होगी और राज्य की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

उन्होंने सरकार से निजी स्कूल संगठनों, अभिभावकों, शिक्षाविदों और वित्तीय विशेषज्ञों के साथ संवाद कर संतुलित एवं पारदर्शी फीस नियमन नीति बनाने की मांग की। उनका कहना था कि पहले स्कूलों को आठ तक फीस बढ़ाने की अनुमति थी, जबकि अब इसे पांच प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया है। साथ ही पिछली फीस लौटाने का प्रावधान स्कूलों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालेगा।

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