देहरादून , अप्रैल 19 -- सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (स्वप्नपा) हैदराबाद में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 78 आर.आर. बैच के 86 प्रशिक्षु भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों का एक दल रविवार को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) वाहिनी के जौलीग्रांट स्थित मुख्यालय पहुंचा। यहां उन्होंने आपदा प्रबंधन की बारीकिया सीखी।
स्वप्नपा के उप निदेशक चैतन्य सिरिप्रोलु के नेतृत्व में शैक्षणिक भ्रमण पर आए इन प्रशिक्षु आइपीएस ने आपदा प्रबंधन, रेस्क्यू ऑपरेशन एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की। इस दौरान एसडीआरएफ कमांडेंट आइपीएस अर्पण यदुवंशी ने उन्हें एसडीआरएफ की कार्यप्रणाली एवं संगठनात्मक संरचना के विषय में विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने बताया कि आपदा की स्थिति में एसडीआरएफ किस प्रकार राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, स्थानीय पुलिस, एनडीआरएफ और भारतीय सेना जैसी विभिन्न एजेंसियों के साथ त्वरित एवं प्रभावी समन्वय स्थापित करती है।
श्री यदुवंशी ने प्रशिक्षुओं को बताया कि सूचना के तीव्र आदान-प्रदान, संसाधनों की शीघ्र तैनाती एवं सटीक निर्णय क्षमता को किसी भी रेस्क्यू ऑपरेशन की सफलता का आधार है। साथ ही उत्तराखंड जैसे पर्वतीय एवं आपदा-प्रवण राज्य में एसडीआरएफ की भूमिका अत्यंत चुनौतीपूर्ण एवं जिम्मेदारीपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को उत्तराखण्ड में घटित प्रमुख आपदाओं जैसे सिल्क्यारा टनल रेस्क्यू, धाराली एवं रेणी घटनाओं के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। इन घटनाओं के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों जैसे दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, प्रतिकूल मौसम, संचार की चुनौतियाँ एवं समय की संवेदनशीलता के बीच एसडीआरएफ द्वारा किस प्रकार योजनाबद्ध तरीके से सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित किए गए, इस पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
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