धार , मार्च 9 -- मध्यप्रदेश के धार जिले की धरमपुरी तहसील के सिरसोदिया गांव में प्रशासन ने निजी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को सख्ती से हटाते हुए दो मकानों को पोकलेन और जेसीबी मशीनों की मदद से ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार कार्रवाई के लिए करीब 400 पुलिस जवानों को तैनात किया गया था। मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर, मनावर एसडीएम प्रमोद सिंह गुर्जर, आठ एसडीओपी और 18 थाना प्रभारी भी मौजूद रहे।

बताया गया है कि दो दिन पहले भी राजस्व विभाग की टीम अतिक्रमण हटाने के लिए गांव पहुंची थी, लेकिन उस दौरान कुछ ग्रामीणों ने पथराव कर दिया था, जिसमें थाना प्रभारी सहित कुछ लोग घायल हो गए थे। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद सोमवार सुबह प्रशासन ने दोबारा कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण वाले हिस्से में बने दो मकानों को हटाया गया। प्रशासनिक कर्मचारियों ने पहले मकान में रखा घरेलू सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था की। चार ट्रैक्टरों के माध्यम से सामान हटाने के बाद करीब दो घंटे चली कार्रवाई में निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया।

प्रशासन के अनुसार संबंधित व्यक्ति की सहमति से सामान हटाया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर ने बताया कि अतिक्रमणकर्ता ने लिखित में दिया था कि वह अपना सामान स्वयं हटाना चाहता है। वहीं दो दिन पहले हुई पत्थरबाजी की घटना में दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं और अब तक पांच से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

यह विवाद धामनोद थाना क्षेत्र के सिरसोदिया गांव में जमीन को लेकर चल रहा था। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार पटवारी हल्का नंबर 14 के सर्वे नंबर 77, 78, 79 और 80 की जमीन भाजपा विधायक कालुसिंह ठाकुर के परिवार की पल्लवी पति दीपक ठाकुर के नाम दर्ज है। वहीं सर्वे नंबर 99 की जमीन अनिल, धर्मेंद्र, अनीता और ललिता के नाम पर दर्ज बताई गई है।

आरोप है कि गांव के संतोष पिता नेवा और निमा बाई पति मोहन भील ने इस जमीन पर अतिक्रमण कर मकान बना लिया था। हालांकि अतिक्रमणकर्ता संतोष का कहना है कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया और शासन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई।

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