श्रीनगर , अक्टूबर 29 -- जम्मू-कश्मीर अपराध शाखा की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में 14 कनाल और तीन मरला ज़मीन से जुड़े कश्मीरी विस्थापितों की सम्पति से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में एक कश्मीरी पंडित समेत पांच आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।

अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि 2017 में आरपीसी की विभिन्न धाराओं और 120-बी के तहत दर्ज प्राथमिकी में आराेप पत्र मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम), सोपोर की अदालत में दायर किया गया।

जांच के मुताबिक यह मामला जवाहर लाल भट के मालिकाना हक वाले वुसन, गोशबुघ पट्टन में ज़मीन की कथित धोखाधड़ी से बिक्री से जुड़ा है। शिकायत करने वाले ने कथित तौर पर सम्पति के लिए एक करोड़ रुपये से ज़्यादा का भुगतान किया था, लेकिन उसे न तो ज़मीन का कब्ज़ा दिया गया और न ही पैसे वापस किए गए।

अधिकारियों ने बताया कि जांच में एक कथित आपराधिक साज़िश का पता चला जिसमें किसी और की पहचान बदलकर, नकली पहचान के दस्तावेज और लेन-देन को आसान बनाने के लिए कथित पावर ऑफ़ अटॉर्नी का गलत इस्तेमाल शामिल था।

आरोपियों की पहचान अमित नगर मुठी, जम्मू के बृज नाथ उर्फ सूम नाथ, सैमसन, बडगाम के गुलाम मोहि-उद-दीन डार, सचेन बैनेट, बीरवाह, बडगाम के गुलाम मोहम्मद शेख, मार्गिपोरा, पट्टन के ज़हूर अहमद डार और मार्गरीपोरा, पट्टन, बारामुल्ला के रेयाज़ अहमद राथर के रूप में हुई है।

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