श्रीनगर , सितंबर 18 -- जम्मू-कश्मीर अपराध शाखा की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने कश्मीरी पंडित प्रवासी की भूमि एवं संपत्ति से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने फर्जी समझौतों और संपत्ति पर स्वामित्व या अधिकार होने के झूठे दावों के जरिए प्रवासी कश्मीरी से 93 लाख रुपये की ठगी की। मामले की जांच जारी है।

अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि आरोपी कथित तौर पर लगभग एक साल से गिरफ्तारी से बच रहा था। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी गुलाम-उद-दीन डार के खिलाफ श्रीनगर के सब-जज की अदालत ने वारंट जारी किया था। वह जवालापोरा, सैमसन बडगाम का निवासी है।

डार को जम्मू-कश्मीर अपराध शाखा के पुलिस थाना ईओडब्ल्यू कश्मीर/एससीडब्ल्यू कश्मीर में दर्ज कई आपराधिक मामलों का भी सामना करना पड़ रहा है, जिनमें पुलिस थाना ईओडब्ल्यू कश्मीर में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 338, 340 और 61(2) के तहत दर्ज प्राथमिकी दर्ज है।

ईओडब्ल्यू ने बताया कि यह मामला एक लिखित शिकायत से जुड़ा है जिसमें आरोप लगाया गया है कि ज़मीन के विचौलिया डार ने बेंगलुरु (उत्तर कर्नाटक) या जनीपुर (जम्मू) के लोटस टॉवर के रहने वाले सह-आरोपी सोम नाथ कौल के साथ मिलकर पीड़ित को 93 लाख रुपये का चूना लगाया।

जांच से पता चला है कि आरोपी ने नकली अनुबंध का इस्तेमाल करके ड्रूसू पुलवामा में प्रवासी की पांच कनाल ज़मीन और बिजबेहरा में खड़े 300 पेड़ों की फर्ज़ी बिक्री का प्रस्ताव दिया था। धोखाधड़ी से प्राप्त धन को इधर-उधर करने के लिए इस्तेमाल किया गया बैंक अकाउंट, कथित रूप से उसी दिन खोला गया था जिस दिन यह धोखाधड़ी की गई थी ताकि इस घोटाले को अंजाम दिया जा सके।

ईओडब्ल्यू ने बताया कि वे खुद को प्रॉपर्टी का मालिक या अटॉर्नी होल्डर बताकर, प्रवासियों की प्रॉपर्टी बेचने का झूठा वादा करके भोले-भाले लोगों को जाल में फंसाती थी।

फरार सह-आरोपी सोम नाथ कौल के लिए 'ह्यू एंड क्राई' (फरार अपराधी की सूचना देने वाला) नोटिस अभी भी लागू है। उनके नेटवर्क एवं गतिविधियों की आगे की जांच जारी है।

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