प्रयागराज , जून 18 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक मकान को सील किए जाने के मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी के बाद मामला चर्चा में आ गया है। हालांकि, प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने वायरल दावों को भ्रामक बताते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

जानकारी के अनुसार, प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने बुधवार शाम एक मकान को अवैध निर्माण के मामले में सील किया था। इसके बाद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि मकान के अंदर लोग रह रहे थे, इसके बावजूद पीडीए ने मुख्य गेट पर ताला लगाकर मकान को सील कर दिया।

वहीं, पीडीए अधिकारियों का कहना है कि संबंधित मकान नजूल भूमि पर निर्मित है और मकान तक पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक रास्ता भी उपलब्ध है। प्राधिकरण के अनुसार, मकान में रहने वाले लोग उसी दूसरे रास्ते से अंदर-बाहर आते-जाते रहे हैं।

पीडीए के जोनल अधिकारी गणेश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि मकान का बगल वाला रास्ता खुला हुआ है और वहां रहने वाले लोगों के आवागमन पर कोई रोक नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्य गेट पर ताला लगाए जाने के बाद भी निवासी वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर रहे हैं।

प्राधिकरण का आरोप है कि कुछ लोगों ने मुख्य गेट के सामने वीडियो बनाकर उसे इस तरह प्रस्तुत किया, जिससे यह प्रतीत हो कि मकान में रहने वाले लोग अंदर फंस गए हैं। पीडीए के अनुसार, इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया और इसी आधार पर राजनीतिक टिप्पणियां भी की गईं।

अधिकारियों ने संकेत दिया है कि मामले की जांच की जा रही है और यदि यह पाया जाता है कि जानबूझकर भ्रामक वीडियो बनाकर गलत जानकारी प्रसारित की गई तथा सरकार और प्रशासन की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बहस जारी है। पीडीए का कहना है कि उसकी कार्रवाई नियमानुसार की गई है और तथ्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

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