प्रयागराज , अक्टूबर 22 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान मे आज तीसरे अंतर्राष्ट्रीय सस्टेनेबल एन्वायरमेंट और एनर्जी इनोवेशन कॉन्फ्रेंस का आयोजन मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद में किया गया। इस त्रिदिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य बायो टेक्नोलॉजी और केमिकल एनर्जी में हो रहे क्रांतिकारी खोजों को आपस में जोड़ने और इससे विकसित भारत के सपने में सहयोग करने के लिये एक मंच का निर्माण करना मुख्य रूप से है। इस प्रोग्राम में विश्व भर से 38 गणमान्य व्यक्तियो के अलावा 160 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।

इस विषय पर जानकारी देते हुए मुख्य अतिथि डॉ जी बी रंगिया डायरेक्टर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एनर्जी सिंगापुर ने कहा कि आज देश को विकासशील देशों में से विकसित भारत में लाने के लिए ऊर्जा और एनर्जी इनोवेशन की जरूरत है और अब हमे इसके लिए खुद को आत्मनिर्भर बनाना होगा क्योंकि जब विकसित भारत के सपने को पूरा करना है तो हमे हर विषय में आत्मनिर्भर बनाना चाहिए। आज देश के फॉसिल एनर्जी के 80 प्रतिशत देश के बाहर से लाया जाता हैं।

डॉ विमल कटियार ने बताया कि भाइयों केमिकल और प्लास्टिक एनर्जी के रीसायकल के लिए उत्तर प्रदेश में 80 लाख मिट्रिक टन का प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है और जल्दी ही इसकी सहायता से हम अपने पूरे देश के कुल ऊर्जा का 10 से 14 प्रतिशत तक की मांग को पूरा कर पाएंगे। आज हमें ऐसे नई-नई खोजों की जरूरत है जो की इकोसिस्टम को बिना नुकसान पहुंचाते हुए नए-नए एनर्जी के स्रोतों की खोज करने की आवश्यकता है।

संस्थान के कार्यवाहक निदेशक प्रोफेसर एम एम गोरे ने इस कार्यक्रम के उपयोगिता और जरूरत के आधार पर प्रकाश डाला। वहीं प्रोफेसर सुशील कुमार ने पूरे कॉन्फ्रेंस के बारे में बोलते हुए कहा कि आज जिस तरीके से ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ रही है इस विषय पर जानकारी साझा करने के लिए इस प्रकार के मंच होना जरूरी है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित