प्रयागराज , अक्टूबर 12 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन सोमवार को प्राचीन 51 शक्तिपीठ मां कल्याणी देवी मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भोर से ही मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। घंटा-घड़ियाल, शंखनाद और 'जय माता दी' के जयकारों से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।नवरात्र के चलते मंदिर में विशेष पूजन-अर्चन कराया जा रहा है। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की गई है।
मंदिर प्रबंध समिति ने गर्भगृह में सेल्फी लेने पर स्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। अब श्रद्धालु माता के दर्शन के बाद गर्भगृह के बाहर से तस्वीर ले सकेंगे। मंदिर के मुख्य पुजारी पं. श्यामजी पाठक ने भोर में माता की विशेष मंगला आरती और महारुद्राभिषेक संपन्न कराया वहीं, पं. संतोष कुमार मिश्र के नेतृत्व में 11 ब्राह्मण मंदिर परिसर में शतचंडी महायज्ञ करा रहे हैं। इसके साथ ही दुर्गा सप्तशती का पाठ भी किया जा रहा है।
दर्शन के लिए पहुंच रहे भक्तों को कतारबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है। श्रद्धालु माता के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना कर रहे हैं।नवरात्र के शुभारंभ पर मंदिर प्रबंध समिति ने गर्भगृह में सेल्फी लेने पर रोक लगाने का फैसला किया। मंदिर के पुजारियों के मुताबिक, सेल्फी लेते समय श्रद्धालुओं की पीठ माता की ओर हो जाती है। इससे पूजा की मर्यादा और अनुशासन प्रभावित होता है।इसी को देखते हुए गर्भगृह में सेल्फी लेने पर स्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। श्रद्धालु दर्शन के बाद गर्भगृह के बाहर से तस्वीर ले सकेंगे।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए डीसीपी सिटी के निर्देश पर कल्याणी देवी मंदिर के अलावा अलोपी देवी और ललिता देवी मंदिरों के आसपास भी सुरक्षा के इंतजाम मजबूत किए गए हैं। पुलिस के साथ पीएसी और आरएएफ के जवान तैनात किए गए हैं।सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए भीड़ पर नजर रखी जा रही है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बल, एंटी रोमियो स्क्वॉड और क्विक रिस्पांस टीम को भी सक्रिय रखा गया है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कल्याणी देवी मंदिर देश के 51 शक्तिपीठों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। मान्यता है कि इस स्थान पर माता सती के हाथ की तीन उंगलियां गिरी थीं। इसी वजह से शारदीय नवरात्र में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित