प्रयागराज , जून 15 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के नैनी क्षेत्र में बंदरों के बढ़ते आतंक से स्थानीय लोग दहशत में हैं। स्थिति यह है कि बस्ती के लोग घरों की छतों पर जाने से बच रहे हैं और बच्चों तथा बुजुर्गों को घर से बाहर निकालने में भी डर महसूस कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार नैनी के मलहरा क्षेत्र के पास स्थित बस्ती में पिछले एक सप्ताह से बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बंदरों के हमले की आशंका के चलते लोग सुबह से शाम तक अपने घरों से निकलने में भी संकोच कर रहे हैं। समस्या की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम और वन विभाग की टीमों को कई बार सूचना दी गई। सोमवार को वन विभाग और नगर निगम के कर्मचारियों के साथ नैनी थाने के दो पुलिसकर्मी भी बंदरों को पकड़ने के अभियान में शामिल हुए। टीम पूरे दिन जाल लेकर गलियों और मकानों की छतों पर बंदरों को पकड़ने का प्रयास करती रही, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही टीम जाल और डंडों के साथ बंदर को पकड़ने का प्रयास करती, बंदर एक मकान की छत से दूसरी छत पर छलांग लगाकर निकल जाता। एक बंदर को पकड़ने के लिए टीम के सदस्यों को भी पूरे मोहल्ले में एक छत से दूसरी छत तक दौड़ना पड़ा, लेकिन आखिरकार बंदर उनके हाथ नहीं आया।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि वन विभाग की टीम को कई बार बुलाया गया, लेकिन हर बार अभियान असफल रहा। इससे क्षेत्र के लोगों में भय और असंतोष का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से बंदरों के आतंक से स्थायी राहत दिलाने की मांग की है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है और यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने वन विभाग से विशेषज्ञ टीम की सहायता लेकर बंदरों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर आबादी वाले क्षेत्र से दूर स्थानांतरित करने की मांग की है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित