प्रयागराज , मई 21 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) के डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद चिकित्सकों में भारी नाराजगी व्याप्त है। इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर चेतावनी दी कि यदि डॉक्टरों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गई तो सरकारी और निजी चिकित्सक हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे। इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि एक महिला अधिवक्ता इलाज कराने अस्पताल आई थीं, जिनके साथ आए लोगों ने डॉक्टरों के साथ मारपीट की थी। एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि घटना के बावजूद डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जिससे चिकित्सकों में आक्रोश है।

उन्होंने कहा कि यदि डॉक्टरों के खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त नहीं की गई तो सभी निजी एवं सरकारी डॉक्टर कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर चले जाएंगे।

इधर, एसआरएन अस्पताल के जूनियर डॉक्टर बुधवार से कार्य बंद कर धरने पर बैठे हुए हैं। दूसरी ओर अधिवक्ताओं ने भी सड़क जाम कर दिनभर विरोध प्रदर्शन किया और डॉक्टरों की गिरफ्तारी की मांग की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस अधिकारी लगातार प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

चिकित्सकों ने भी चेतावनी दी है कि यदि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गई तो इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं और पूरे स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था बिगड़ सकती है।

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