प्रयागराज , जुलाई 18 -- उत्तर भारत के पहाड़ी एवं ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब तीर्थराज प्रयागराज में भी दिखाई देने लगा है। शनिवार को गंगा और यमुना दोनों नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं, लेकिन बढ़ते जलस्तर के कारण संगम क्षेत्र के कई घाटों के निचले हिस्सों तक पानी पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और बाढ़ से संबंधित सभी विभागों को अलर्ट पर रखा है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार, यमुना नदी का नैनी स्थित गेज स्टेशन पर जलस्तर शनिवार सुबह 73.81 मीटर था, जो शाम चार बजे बढ़कर 73.83 मीटर दर्ज किया गया। इसी अवधि में गंगा नदी का फाफामऊ गेज स्टेशन पर जलस्तर 77.69 मीटर से बढ़कर 77.82 मीटर तथा छतनाग गेज स्टेशन पर 73.46 मीटर से बढ़कर 73.50 मीटर पहुंच गया। कुछ ही घंटों में तीनों गेज स्टेशनों पर जलस्तर में हुई वृद्धि ने प्रशासन की सतर्कता बढ़ा दी है।
जलस्तर में वृद्धि का प्रभाव संगम क्षेत्र के तटवर्ती घाटों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। राम घाट, वीआईपी घाट और दशाश्वमेध घाट के निचले हिस्सों तक नदी का पानी पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उत्तराखंड और अन्य ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों के साथ-साथ प्रयागराज में भी अगले कुछ दिनों तक वर्षा का सिलसिला जारी रहा, तो दोनों नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है।
संभावित स्थिति को देखते हुए संगम क्षेत्र में अस्थायी दुकानें लगाने वाले दुकानदारों ने अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। वहीं नाविकों और स्थानीय निवासियों ने भी नदी की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए रखी है। प्रशासन ने घाटों पर अतिरिक्त निगरानी की व्यवस्था की है और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े विभागों को हर स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गंगा और यमुना दोनों नदियां अभी भी 84.734 मीटर के खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं। इसलिए फिलहाल जिले में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। सभी तटबंध सुरक्षित हैं और उन पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। जल संसाधन एवं सिंचाई विभाग की टीमें लगातार जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचें, घाटों पर विशेष सावधानी बरतें तथा जलस्तर और बाढ़ संबंधी किसी भी सूचना के लिए केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। प्रशासन ने कहा है कि यदि जलस्तर में तेजी से वृद्धि होती है तो समय रहते आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाएंगे।
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