प्रयागराज , अगस्त 19 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश से गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में जिले के तीन प्रमुख गेज स्टेशनों पर नदियों के जलस्तर में 46 से 53 सेंटीमीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने निचले और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की मंगलवार शाम आठ बजे की रिपोर्ट के अनुसार छतनाग में गंगा का जलस्तर 17 अगस्त की शाम आठ बजे 78.39 मीटर था, जो 24 घंटे बाद बढ़कर 78.92 मीटर पहुंच गया। यहां 53 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसी तरह नैनी में यमुना का जलस्तर 78.83 मीटर से बढ़कर 79.35 मीटर पहुंच गया। यहां 52 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। फाफामऊ में गंगा का जलस्तर सोमवार शाम आठ बजे 79.65 मीटर था, जो मंगलवार शाम आठ बजे बढ़कर 80.11 मीटर हो गया। यहां 24 घंटे में 46 सेंटीमीटर पानी बढ़ा।

बुधवार सुबह आठ बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में प्रयागराज के नदी तटीय इलाकों में भी भारी बारिश दर्ज की गई। छतनाग में 115 मिलीमीटर, नैनी में 98.4 मिलीमीटर और फाफामऊ में 96.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। बारिश का सीधा असर गंगा और यमुना के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है।

बुधवार सुबह की रिपोर्ट के अनुसार नैनी में यमुना 79.35 मीटर, फाफामऊ में गंगा 80.11 मीटर और छतनाग में गंगा 78.92 मीटर पर बह रही थी। लगातार बारिश के कारण जलस्तर में और वृद्धि की आशंका बनी हुई है। हालांकि गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन फिलहाल तीनों प्रमुख गेज स्टेशनों पर नदियां खतरे के निशान 84.734 मीटर से नीचे बह रही हैं। फाफामऊ में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 4.624 मीटर, नैनी में यमुना 5.384 मीटर और छतनाग में गंगा करीब 5.814 मीटर नीचे है।

बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार सभी तटबंध सुरक्षित हैं। प्रशासन नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रख रहा है। लगातार बारिश और जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए निचले इलाकों तथा गंगा के कछारी और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

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