प्रयागराज , फरवरी 24 -- उत्तर प्रदेश में प्रयागराज जिले के मेजा क्षेत्र के चांद खमरिया स्थित काला हिरन संरक्षण क्षेत्र, चांद खमरिया में काले हिरनों के बेहतर संरक्षण के लिए प्रशासन ने नई कार्ययोजना तैयार की है। अधिकारियों के अनुसार, संरक्षण क्षेत्र में घास और पानी की कमी के कारण हिरनों को लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए व्यापक स्तर पर कार्य शुरू कर दिया गया है। योजना के तहत हिरनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा चरागाह क्षेत्र को बाहरी हस्तक्षेप से बचाने के लिए पूरे क्षेत्र के चारों ओर पत्थर की चारदीवारी बनाई जाएगी। इससे वन्यजीवों को सुरक्षित और संरक्षित वातावरण उपलब्ध होगा। साथ ही, क्षेत्र में घास की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी, ताकि भोजन की कमी न हो।
जल संकट से निपटने के लिए लपरी नदी पर दो नए चेक डैम बनाए जाएंगे तथा एक पुराने चेक डैम की मरम्मत कराई जाएगी। इन चेक डैमों के माध्यम से वर्षा जल का संरक्षण किया जाएगा और भूजल स्तर में सुधार होगा। इससे हिरनों को पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और संरक्षण क्षेत्र में ही पर्याप्त जल उपलब्ध रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि जल एवं चारे की बेहतर उपलब्धता से काले हिरनों की संख्या और स्वास्थ्य दोनों में सकारात्मक सुधार होगा। प्रशासन की यह पहल केवल संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित करने का भी उद्देश्य रखती है। अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के विकास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि यह क्षेत्र एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बना सके।
अधिकारियों ने बताया कि सेंक्चुअरी के समग्र विकास की कवायद प्रारंभ हो चुकी है। इन प्रयासों से जहां काले हिरनों को सुरक्षित आवास मिलेगा, वहीं पर्यावरणीय संतुलन एवं स्थानीय पर्यटन को भी मजबूती मिलेगी।
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