प्रयागराज , अगस्त 13 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज मंडल में रेल संचालन को और अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय इंटर-रेलवे सेफ्टी ऑडिट शुरू किया गया है। पश्चिम मध्य रेलवे (डब्ल्यूसीआर) की विशेषज्ञ टीम ने बुधवार को प्रयागराज-फतेहपुर रेलखंड का व्यापक निरीक्षण किया।

रेलवे सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि यह ऑडिट पश्चिम मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी मनोज गुरुमुखी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। ऑडिट टीम का नेतृत्व मुख्य ट्रैक परियोजना प्रबंधक (सीटीपीएम) राजेश दत्त बाजपेयी कर रहे हैं। टीम में इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और संरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

ऑडिट के दौरान टीम ने स्टेशनों, रेलवे यार्ड, लेवल क्रॉसिंग, रेलवे पुलों तथा सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में भरवारी स्टेशन एवं यार्ड, लेवल क्रॉसिंग गेट संख्या एलसी-13ए, रेलवे ट्रैक के पॉइंट एवं क्रॉसिंग, कर्व संख्या-12 अप, सिराथू-अथसराय खंड के बीच स्थित मेजर ब्रिज संख्या-109 (गर्डर ब्रिज) तथा एलएचएस संख्या-40 की जांच की गई।

इसके अलावा फतेहपुर स्टेशन और यार्ड का भी विस्तृत निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैक की स्थिति तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की समीक्षा कर आवश्यक जानकारियां जुटाईं। ऑडिट टीम ने फील्ड में तैनात कर्मचारियों से बातचीत कर उनके कार्यों, जिम्मेदारियों और सुरक्षा नियमों के पालन की स्थिति का भी आकलन किया। टीम ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि रेल संचालन के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का प्रभावी ढंग से अनुपालन हो रहा है या नहीं।

फतेहपुर स्टेशन पर टीम ने पॉइंट, एसईजे, रिले रूम तथा अन्य महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। साथ ही संबंधित अभिलेखों और तकनीकी दस्तावेजों की भी जांच की गई।

प्रयागराज मंडल की ओर से अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) एम.एम. वारिस, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी यू.सी. शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी ऑडिट टीम के साथ मौजूद रहे और निरीक्षण में सहयोग किया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ऑडिट के दूसरे दिन गुरुवार को प्रयागराज स्टेशन स्थित एआरटी/एआरएमई, लॉबी और रनिंग रूम का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद पश्चिम मध्य रेलवे की टीम मंडल रेल प्रबंधक के साथ बैठक कर निरीक्षण के दौरान सामने आए बिंदुओं पर चर्चा करेगी।

अधिकारियों का कहना है कि नियमित सेफ्टी ऑडिट से रेल सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा संभावित कमियों की समय रहते पहचान कर उन्हें दूर करने में मदद मिलती है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित