प्रयागराज , मार्च 16 -- उत्तर प्रदेश में प्रयागराज जिले की बारा तहसील परिसर में अधिवक्ताओं का धरना-प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। सुबह से ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्रित होकर धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन पर अभद्र व्यवहार और कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। बार एसोसिएशन बारा के मंत्री अनिल कुमार द्विवेदी ने बताया कि उप जिलाधिकारी बारा प्रेरणा गौतम और तहसीलदार रोशनी सोलंकी द्वारा अधिवक्ताओं के साथ अक्सर अभद्र व्यवहार किया जाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अधिवक्ताओं की समस्याओं और मामलों को गंभीरता से नहीं लिया जाता तथा कई महत्वपूर्ण फाइलें लंबे समय से लंबित पड़ी हैं, जिन पर सक्षम अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। द्विवेदी ने कहा कि तहसील में केवल उन फाइलों पर ध्यान दिया जाता है जिनमें पैसे का लेन-देन होता है, जबकि सामान्य और लंबित मामलों की फाइलें कार्यालय में एक किनारे पड़ी रहती हैं।

धरने के दौरान अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली से आम लोगों और अधिवक्ताओं दोनों को परेशानी हो रही है।

बार एसोसिएशन बारा के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि अधिवक्ताओं के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि लापरवाही और अभद्र व्यवहार करने वाले अधिकारियों का तत्काल स्थानांतरण किया जाए तथा लंबित फाइलों पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

धरना-प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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