नयी दिल्ली , अप्रैल 05 -- देश के प्रमुख बंदरगाहों ने वर्ष 2025-26 में करीब 91 करोड़ 51 लाख 70 हजार टन कार्गो प्रबंधन कर माल ढुलाई का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने रविवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह उपलब्धि 90 करोड़ 40 लाख टन के लक्ष्य से अधिक है और पिछले वर्ष की तुलना में 7.06 प्रतिशत ज्यादा है।

उन्होंने कहा कि यह रिकॉर्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी पहल मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 के तहत हासिल हुआ है, जो बंदरगाहों के आधुनिकीकरण, बेहतर लॉजिस्टिक्स और बढ़ती दक्षता को दर्शाता है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में समुद्री क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।

प्रदर्शन के लिहाज से दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण करीब 16 करोड़ 1 लाख 10 हजार टन के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण (करीब 15 करोड़ 64 लाख 50 हजार टन) और जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण (करीब 10 करोड़ 20 लाख 10 हजार टन) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। विशाखापत्तनम बंदरगाह प्राधिकरण, मुंबई बंदरगाह प्राधिकरण, चेन्नई बंदरगाह प्राधिकरण और न्यू मंगलौर बंदरगाह प्राधिकरण ने भी उल्लेखनीय योगदान दिया।

विभिन्न बंदरगाहों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि मोर्मुगाओ बंदरगाह प्राधिकरण में 15.91 प्रतिशत की सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की गई, जबकि कोलकाता डॉक सिस्टम और जेएनपीए ने भी दो अंकों की वृद्धि हासिल की।

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