जयपुर , जून 23 -- केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में 'जल है तो कल है' की भावना के साथ राज्यों के बीच समन्वय स्थापित कर जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाये जा रहे हैं और इसी के तहत यमुना जल परियोजना को प्रभावी एवं दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
श्री पाटिल मंगलवार को नयी दिल्ली में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ यमुना जल परियोजना से संबंधित बैठक के अवसर पर यह बात कही। बैठक में परियोजना के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गयी तथा मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एमओए) के महत्वपूर्ण बिन्दुओं को अंतिम रूप दिया गया। साथ ही, किशाऊ बांध परियोजना से संबंधित विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।यहां जारी सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार श्री पाटिल ने कहा कि परियोजना के तहत पानी को पारंपरिक नहर प्रणाली की बजाय पाइपलाइन के माध्यम से पहुंचाने का प्रस्ताव है, जिससे जल संरक्षण सुनिश्चित होने के साथ ही वितरण व्यवस्था अधिक व्यापक बनेगी। उन्होंने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना से जुड़े छह राज्यों के मुद्दों का भी समाधान हो गया है और शीघ्र ही उससे संबंधित एमओए भी किया जाएगा। इससे राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा सहित अन्य राज्यों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से भविष्य में जल संबंधी समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा।
इस अवसर पर श्री शर्मा ने कहा कि यमुना जल परियोजना राजस्थान विशेषकर शेखावाटी क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह परियोजना क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास तथा लाखों लोगों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केन्द्र एवं हरियाणा सरकार के सहयोग से परियोजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दशकों से लंबित परियोजनाओं को गति मिल रही है तथा राज्यों के बीच जल संबंधी मुद्दों का सकारात्मक समाधान निकल रहा है। राजस्थान को भी यमुना जल उपलब्ध कराने की मांग लंबे समय से की जा रही थी और अब इस दिशा में ठोस प्रगति हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना जल परियोजना के क्रियान्वयन से जल्द ही राजस्थान को अपनेे हिस्से का पानी प्राप्त होगा, जिससे किसानों, उद्योगों और आमजन को व्यापक लाभ मिलेगा। साथ ही, प्रदेश में जल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में भी सहायता मिलेगी।
श्री सैनी ने कहा कि हर व्यक्ति तक पानी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकारें प्रतिबद्धता से काम कर रही हैं। इसी के तहत रेणुका, लखवार और किशाऊ परियोजनाओं के क्रियान्वयन से मिलने वाले पानी से राजस्थान, दिल्ली के साथ हरियाणा के लोगों को भी फायदा मिलेगा। बैठक में वर्षा के पानी को भी सहेजकर राजस्थान पहुंचाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में केन्द्र सरकार, राजस्थान के जल संसाधन विभाग तथा हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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