झुन्झुनूं , मई 24 -- कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने राष्ट्रीय योग्यता सह प्रवेश परीक्षा-यूजी (नीट-यूजी) पेपर लीक प्रकरण को केवल सरकार-प्रशासन की विफलता नहीं, बल्कि यह युवाओं के भविष्य के साथ किया जा रहा एक जघन्य अपराध करार देते हुए कहा है कि इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अविलंब अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

श्री पायलट ने रविवार प्रदेश के झुन्झुनूं जिले के गुढ़ा गौड़जी में आत्महत्या करने वाले नीट-2026 परीक्षा के अभ्यर्थी प्रदीप मेघवाल को श्रृद्धांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक ने देश के 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों के सपनों और उनकी वर्षों की मेहनत को कुचल कर रख दिया है।

उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय माता-पिता अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य की आस में लाखों रुपये का कर्ज लेकर उन्हें पढ़ाते हैं लेकिन इस भ्रष्ट व्यवस्था ने उनका विश्वास पूरी तरह से तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब इस अन्याय के खिलाफ पीड़ित परिवारों और युवाओं ने न्याय की गुहार लगाई, तो पुलिस और प्रशासन ने उनके साथ संवेदनहीनता दिखाते हुए दुर्व्यवहार किया। इस व्यवस्था की नाकामी के कारण जो जान गई है, उसकी पूरी जिम्मेदारी इस तंत्र और सरकार की है।

श्री पायलट ने कहा कि यह पूरी तरह से स्पष्ट हो चुका है कि यह पेपर लीक कोई छिटपुट घटना नहीं है, बल्कि करोड़ों रुपयों का एक सुनियोजित खेल है जिसे बड़े शिक्षा माफिया चला रहे हैं। यह बेहद हैरानी की बात है कि जब पहली बार गड़बड़ी की बात सामने आई, तब प्रदेश की सरकार ने समय पर एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी क्यों की। उन्होंने कहा कि जब पुलिस अधिकारियों को खुद इस गड़बड़ी का अंदेशा था और दिल्ली में छात्रों के व्यापक विरोध के बाद एनटीए ने भी सरकार को सचेत कर दिया था, तब भी मामले पर पर्दा डालने का प्रयास किया गया।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने अपनी इच्छाशक्ति से कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि जब छात्रों ने खुद ''गेस पेपर'' और असली पेपर का मिलान कर इस महाघोटाले को बेनकाब कर दिया, तब जाकर मजबूरी में सरकार को कदम पीछे खींचने पड़े। छोटी-छोटी बातों श्रेय लेने वाली और बड़े मगरमच्छों को पकड़ने का वादा करने वाली सरकार अब तक केवल दिखावे की कार्रवाई कर रही है और असली सरगनाओं को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

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