जयपुर , जुलाई 25 -- राजस्थान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा हरियाणा प्रभारी एवं सांसद डॉ सतीश पूनियां ने कहा है कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस्तीफा देने का निर्णय लिया जो सार्वजनिक जीवन में उनकी निष्ठा और समर्पण का परिचायक है।

डॉ पूनियां ने श्री प्रधान के इस्तीफे पर अपनी प्रतिक्रिया में यह बात कही। उन्होंने कहा कि विरासत में मिले राष्ट्रवाद के विचारों को छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद तथा उसके बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा के संघर्ष से आत्मसात करते हुए, रचनात्मक जन-आंदोलनों और लोकहित-राष्ट्रहित के कार्यों से निखरे व्यक्तित्व के धनी श्री प्रधान ने भाजपाके संगठन को केवल उड़ीसा ही नहीं, बल्कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक विस्तार देने में अहम भूमिका निभायी है।

उन्होंने कहा कि श्री प्रधान ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि एक सच्चे कार्यकर्ता के लिए राष्ट्र हमेशा किसी भी पद से ऊपर होता है। नयी शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से उनके दूरदर्शी नेतृत्व और क्रांतिकारी योगदान ने भारत की शिक्षा व्यवस्था को नयी दिशा दी है, जिसका लाभ आने वाली पीढ़ियों को लंबे समय तक मिलता रहेगा।

उन्होंने कहा कि जब देश-विरोधी ताकतों ने छात्रों के एक वास्तविक आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास किया, तब श्री प्रधान ने लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हुए स्वयं पीछे हटकर राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। यह निर्णय सार्वजनिक जीवन में उनकी निष्ठा और समर्पण का परिचायक है।

उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया है कि वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें, पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी कक्षाओं में लौटें और अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर आगे बढ़ें। आपके सपने और आपका भविष्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार सदैव उपके साथ दृढ़ता से खड़ी है।

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