जयपुर , जुलाई 25 -- राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आखिरकार हारकर अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सौंप दिया लेकिन यह बहुत पहले ही आ जाना चाहिए था।

श्री डोटासरा ने श्री प्रधान के इस्तीफे के बाद अपना बयान जारी कर यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री युवाओं को समझ नहीं पाये और इसमें देरी हुई। युवाओं का सवाल शिक्षा की व्यवस्था को ठीक करना, उसे पारदर्शी बनाना एवं रोजगारपरक बनाना, पेपर लीक न हो इसकी कोई ठोस योजना, कानून एवं व्यवस्था नौजवानों को बनाकर दे ताकि युवा अपना भविष्य बना सके।

उन्होंने कहा कि केवल श्री प्रधान का इस्तीफा समस्या का समाधान नहीं हैं और सभी दलों, युवाओं एवं सभी लोगों को साथ में लेकर इस प्रकार की व्यवस्था बनानी चाहिए ताकि आगे आने वाले भविष्य में युवाओं को किसी प्रकार का आंदोलन करने की नौबत नहीं आये।

उन्होंने कहा कि देश की सरकार इन युवाओं का भविष्य सुनहरा बनाने के लिए ऐसी शिक्षा लेकर आये जिसमें शिक्षा का आमूलचूल परिवर्तन हो ताकि समानता का अधिकार मिले एवं गरीब का बेटा भी उन ऊंचाई को प्राप्त करे और दुबारा इस प्रकार की नौबत नहीं आये।

श्री डोटासरा ने कहा कि युवाओं ने करके दिखा दिया कि ये भाड़े के टट्टू नहीं है और ये भारत का भविष्य है तथा भविष्य जिस तरफ करवट लेता हैं, जीत उसकी ही होती हैं। उन्होंने कहा कि अभी यह पहली खबर नहीं हैं और खबर और आनी हैं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई यहीं ही खत्म नहीं होती हैं और शिक्षा को बदलने की जरुरत हैं ताकि दुबारा इस तरह आंदोलन की जरुरत न पड़े।

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