भोपाल , अप्रैल 01 -- मध्यप्रदेश में पुलिस ट्रेनिंग स्कूल ग्वालियर में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक के विरुद्ध पुलिस मुख्यालय भोपाल स्थित सतर्कता थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 11 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रारंभिक सूचना सत्यापन में सामने आया कि संबंधित पुलिसकर्मी ने वर्ष 2024 में प्रतिनियुक्ति के दौरान इंदौर जिले में पदस्थ रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया। आरोप है कि वह लगभग डेढ़ माह तक एक होटल में बिना किराया भुगतान किए रहे और इस दौरान करीब डेढ़ लाख रुपये का असम्यक लाभ प्राप्त किया।

जांच में यह भी पाया गया कि उक्त पुलिसकर्मी ने अपने वास्तविक पद से उच्च पद की वर्दी धारण की, जिससे होटल प्रबंधन द्वारा किराया मांगने की संभावना कम हो सके। प्रकरण में अपराध क्रमांक 01/26 दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। संबंधित तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि संबंधित पुलिसकर्मी के विरुद्ध पूर्व में भी ग्वालियर जिले में एक अन्य प्रकरण दर्ज है, जिसकी विवेचना वर्ष 2021 से जारी है।

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