नयी दिल्ली , सितंबर 24 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद के साथ आयोजित हुए दो दिवसीय उच्च स्तरीय 'चिंतन शिविर' का गुरूवार को समापन हो गया। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य प्रमुख सरकारी योजनाओं का 100 प्रतिशत लाभ, पात्र लोगों तक पहुंचाना, वितरण तंत्र को मजबूत करना और वर्ष 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने का रोडमैप तैयार करना था।

दो दिन (23 और 24 सितंबर) तक चली इन बैठकों का मुख्य बातचीत सरकार के कामकाज की समीक्षा करने, योजनाओं के क्रियान्वयन और विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर रही। नए प्रधानमंत्री कार्यालय 'सेवा तीर्थ' में हुई इन बैठकों में कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी लीकेज या बाधा के समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाने पर बल दिया गया। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने लगभग 40 से 45 प्रमुख सरकारी योजनाओं की शत-प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी इससे वंचित न रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित