रायपुर , जून 28 -- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के तहत गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पंजीयन के लिए 15 जून से 15 जुलाई तक चलाए जा रहे विशेष अभियान में छत्तीसगढ़ ने देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया है।
राज्य ने अभियान के शुरुआती नौ दिनों में ही निर्धारित लक्ष्य का 72 प्रतिशत पूरा कर यह उपलब्धि दर्ज की है। राज्य सरकार की ओर से रविवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, छत्तीसगढ़ ने नए हितग्राहियों के पंजीयन के साथ-साथ प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के लंबित प्रकरणों के निराकरण में भी देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि का श्रेय महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों तथा मैदानी अमले के समन्वित प्रयासों को दिया गया है।
अभियान के तहत जांजगीर-चांपा जिले ने 96 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत प्रथम जीवित संतान के जन्म पर पात्र महिलाओं को पांच हजार रुपये तथा दूसरी संतान के रूप में बालिका के जन्म पर छह हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षित मातृत्व के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम, मैदानी अमले तथा सहयोगी संस्थाओं को बधाई देते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सुरक्षित मातृत्व के साथ शिशुओं के स्वस्थ भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार कर रही है।
वहीं, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सभी हितधारकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि सामूहिक प्रयास, सतत निगरानी और जनकल्याण के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने पात्र महिलाओं से 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान के दौरान पंजीयन कराने की अपील की।
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