चेन्नई , मार्च 11 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार शाम तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में 5,650 करोड़ रुपये की विभिन्न बुनियादी ढांचा और विकास परियोजनाओं की शुरुआत की।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी केरल के एर्नाकुलम से त्रिची हवाई अड्डे पहुंचे, जहां केंद्र के मंत्रियों, राज्य के मंत्रियों, भाजपा प्रदेश नेताओं और राजग गठबंधन के नेताओं ने उनका स्वागत किया।

इसके बाद हेलीकॉप्टर से वह कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और कई परियोजनाओं की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने राजग की चुनावी रैली को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस बुनियादी ढांचे, लुब्रिकेंट निर्माण, ग्रामीण यातायात, राजमार्ग विकास और रेलवे सेवाओं सहित प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी 5,650 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया, राष्ट्र को समर्पित किया और आधारशिला रखी।

पेट्रोलियम क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के नीलगिरी और इरोड जिलों में 'भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड' (बीपीसीएल) की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क परियोजना की आधारशिला रखी, जिसमें 3,680 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश शामिल है। यह परियोजना 8.8 लाख से अधिक घरों को पीएनजी कनेक्शन प्रदान करेगी, 200 से अधिक वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को गैस की आपूर्ति करेगी और 201 से अधिक सीएनजी स्टेशन स्थापित करेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने चेन्नई के मनाली में 'इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन' के 6,72,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष की क्षमता वाले ल्यूब ब्लेंडिंग प्लांट को भी राष्ट्र को समर्पित किया। लगभग 1,490 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित यह संयंत्र भारत की लुब्रिकेंट निर्माण क्षमता को मजबूती प्रदान करेगा।

ये परियोजनाएं स्वच्छ ईंधन और बेहतर जीवन सुनिश्चित करेंगी। इससे नीलगिरी और इरोड जिलों के लगभग 30 लाख लोगों को सुरक्षित खाना पकाने और आवाजाही के लिए पीएनजी और सीएनजी तक पहुंच मिलेगी। साथ ही यह कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में 24 प्रतिशत की कमी लाकर भविष्य के लिए स्वच्छ हवा, बेहतर वायु गुणवत्ता और पर्यावरणीय स्वास्थ्य सुनिश्चित करेंगी।

ये परियोजनाएं 22 लाख से अधिक कार्य-दिवसों का रोजगार पैदा करेंगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। इसके अलावा, चेन्नई के उत्तरी उपनगर मनाली में दुनिया के दूसरे सबसे बड़े एकीकृत ल्यूब कॉम्प्लेक्स के माध्यम से भारत के लुब्रिकेंट निर्माण को और मजबूती मिलेगी।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' के तहत, प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु में 370 किमी लंबी 89 ग्रामीण सड़कों का भी उद्घाटन किया। ये सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों में बाजारों, स्कूलों और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच में महत्वपूर्ण सुधार करेंगी। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-81 पर गंगईकोंडा चोलपुरम के पास 'ग्रीनफील्ड बाईपास' की आधारशिला रखी। इससे 26,251 किमी सड़कों और 189 पुलों के माध्यम से ग्रामीण यातायात बेहतर होगा और समुदायों को सशक्त बनाया जायेगा। यह महिलाओं के लिए सुरक्षित आवाजाही, बच्चों के लिए बेहतर स्कूल और किसानों के लिए कम यात्रा लागत सुनिश्चित करेगा, साथ ही एनएच-81 बाईपास के माध्यम से भीड़भाड़ कम होगी और यात्रा सुगम बनेगी।

इस अवसर पर उन्होंने पांच नयी ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें दो 'अमृत भारत एक्सप्रेस' ट्रेनें- नागरकोइल-चर्लापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस और पोदनूर (कोयंबटूर)-धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल थीं।

इसके अलावा दो एक्सप्रेस ट्रेनें, यानी रामेश्वरम-मंगलुरु और तिरुनेलवेली-मंगलुरु एक्सप्रेस और मयिलादुथुराई-तिरुवारूर-कराईकुडी पैसेंजर ट्रेन सेवा शुरू की गयी। ये सेवाएं तमिलनाडु और तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, झारखंड और ओडिशा सहित अन्य क्षेत्रों के बीच रेल संपर्क को मजबूत करेंगी, जिससे यात्रियों को लाभ होगा और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

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