जालौन , अप्रैल 16 -- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में गुरुवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव तथा 'प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना' के नोडल अधिकारी मानश्वी कुमार ने जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय के साथ योजना की समीक्षा बैठक की। बैठक में जनपद में योजना के क्रियान्वयन की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई और अधिकारियों को परिणामोन्मुखी कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए गए। संयुक्त सचिव मानश्वी कुमार ने कहा कि यह योजना केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को टिकाऊ तथा आत्मनिर्भर बनाने का व्यापक अभियान है। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, सिंचाई संसाधनों के सुदृढ़ीकरण तथा कृषि विपणन तंत्र को मजबूत करने पर विशेष बल दिया।

उन्होंने निर्देश दिए कि योजना का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। साथ ही कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग, किसानों को सस्ती ऋण सुविधा उपलब्ध कराने तथा आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अधिकारियों को योजना के प्रत्येक घटक की नियमित निगरानी करने और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि जनपद में योजना को पारदर्शिता और गंभीरता के साथ लागू किया जा रहा है। उन्होंने विभागीय समन्वय के साथ निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी संजय कुमार, उप कृषि निदेशक एस.के. उत्तम, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, डीएचओ परवेज खान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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