पटना , मई 28 -- बिहार के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने के उद्देश्य से ग्रामीण कार्य विभाग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-1 के अंतर्गत तेजी से कार्य कर रहा है।
विभाग की ओर से इस योजना का क्रियान्वयन तीव्र गति और उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप ग्रामीण जनजीवन, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
उल्लेखनीय है कि राज्य में कुल 56,766 संपर्क विहीन बसावटों को बारहमासी पक्की सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस लक्ष्य के अंतर्गत बिहार में कुल 55,035 किलोमीटर लंबी ग्रामीण पथों का निर्माण किया जाना था। वहीं अब तक 56,662 बसावटों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जा चुका है। इसके तहत राज्यभर में 53,599 किलोमीटर लंबी पक्की सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा चुका है। इसके साथ ही विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष में शेष बची 104 संपर्क विहीन बसावटों को भी पक्की सड़क से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इन बसावटों तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए 140 किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़कों का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है।
ग्रामीण सड़क संपर्कता के इस विस्तार का सबसे बड़ा लाभ उन सुदूर क्षेत्रों को मिला है, जहाँ पहले बरसात के दिनों में आवागमन लगभग पूरी तरह बाधित हो जाता था। अब बारहमासी पक्की सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षभर सुरक्षित और निर्बाध परिवहन सुनिश्चित हो रहा है। योजना के प्रभाव से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक आमजनों की पहुँच में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसके अलावा पहले जहाँ ग्रामीण विद्यार्थियों को विद्यालय और महाविद्यालय तक पहुँचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, वहीं अब बेहतर सड़क संपर्कता उपलब्ध होने से विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति भी बढ़ी है।
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