नयी दिल्ली , सितंबर 16 -- केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री को जगह-जगह उपहार में मिले स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी के 8वें संस्करण का शुभारंभ किये जाने की घोषणा की जिसमें कर्नाटक से भगवान राम की चांदी की यादगार मूर्ति और काकतीय कला तोरणम की चांदी की प्रतिकृति जैसी कुछ खास कलाकृतियों सहित 1,498 विशिष्ट कृतियां नीलाम की जानी हैं।

यह आनलाइन नीलामी कला प्रेमी नागरिकों, संग्रहकर्ताओं, संस्थानों और कला-संस्कृति के शौकीनों को माननीय प्रधानमंत्री को अलग-अलग मौकों पर भेंट की गई कलात्मक और स्मृति चिह्नों को क्रय करने का अवसर प्रदान करती है। नीलामी से प्राप्त आय को नमामि गंगे कार्यक्रम में स्थानांतरित किया जाता है।

इस कार्यक्रम में संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल भी उपस्थित थे।

यह नीलामी गुरुवार से इसके आधिकारिक पोर्टल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.पीएममेमेंटोज.जीओवी.इन पर शुरू होगा।

श्री शेखावत ने इस अवसर पर मीडिया से बातचीत में कहा कि इस बार कुल 50 मुख्य आकर्षण सहित कुल 1,498 यादगार वस्तुएं (मेमेंटो) पेश की जा रही हैं जो देश के अलग-अलग हिस्सों से लाई गई हैं, जिससे इस संग्रह को पूरे भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली एक खास पहचान मिलती है। ये कृतियां अलग-अलग राज्यों की हिस्सेदारी भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता को और भी अच्छी तरह दिखाती है।

मंत्री ने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, बिहार और ओडिशा की यादगार वस्तुएं शामिल हैं। 50 खास कृतियों में कर्नाटक से भगवान राम की चांदी की यादगार मूर्ति (सरकारी बोली13.50 लाख रुपये), काकतीय कला तोरणम की चांदी की प्रतिकृति (9 लाख रुपये), 'ट्री ऑफ लाइफ' गोंड आर्ट पेंटिंग (7.50 लाख रुपये), रथ पर जगन्नाथ परिवार (6 लाख रुपये) और 99.99 फाइन गोल्ड-प्लेटेड राधा-कृष्ण आर्टवर्क (5.40 लाख रुपये) शामिल हैं।

श्री शेखावत ने कहा यह पहल भारत की सांस्कृतिक विरासत और गंगा नदी के कायाकल्प और संरक्षण के राष्ट्रीय मिशन के बीच एक सार्थक संबंध बनाती है। संस्कृति मंत्रालय के तहत, नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय (एनजीएमए) ने इस पहल के डॉक्यूमेंटेशन, प्रदर्शनी और कामकाज से जुड़े पहलुओं का समन्वय किया है। इस प्रक्रिया में तकनीकी और पोर्टल से जुड़ी सहायता के लिए एनआईसी, मूल्यांकन और कीमत तय करने के लिए संबंधित अधिकारी, पेमेंट गेटवे को समर्थन देने के लिए एसबीआई और सफलतापूर्वक खरीदी गई चीजों की पैकिंग और डिलीवरी के लिए तय की गई फाइन आर्ट हैंडलिंग एजेंसी जैसे कई संबंधित पक्षों के साथ तालमेल शामिल है।

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