बेंगलुरु , जुलाई 24 -- कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहली सार्वजनिक टिप्पणी का शुक्रवार को स्वागत किया, लेकिन कहा कि यह हस्तक्षेप 'बहुत देर से' आया है।

श्री शिवकुमार की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री मोदी के परीक्षा पेपर लीक को छात्रों के भरोसे के साथ 'गंभीर विश्वासघात' करार देने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा करने के तुरंत बाद आयी है। प्रधानमंत्री ने सख्त कानूनी प्रावधानों और फास्ट-ट्रैक सुनवाई की बात कही है।

विवाद पर आखिरकार बात करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए श्री शिवकुमार ने कहा कि केंद्र सरकार को अब अपने शब्दों को त्वरित कार्रवाई में बदलना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि लंबे समय की चुप्पी ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों के बीच चिंता को गहरा कर दिया था। उन्होंने मांग की कि पद या राजनीतिक जुड़ाव की परवाह किये बिना पेपर लीक गिरोह में शामिल हर व्यक्ति को कानून के कटघरे में लाया जाये।

श्री शिवकुमार ने कहा, "प्रधानमंत्री ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ी है। हमारे बच्चों के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर बोलने के लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं, लेकिन उन्हें बहुत पहले बोलना चाहिए था। जब किसी राष्ट्रीय परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हों, तो देश निर्णायक नेतृत्व की उम्मीद करता है।" उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक ने भारत की परीक्षा प्रणाली में जनता के विश्वास को हिलाकर रख दिया है। उन्होंने भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं की शुचिता बहाल करने के लिए व्यापक सुधारों की मांग की।

उन्होंने कहा, "लाखों छात्रों के भविष्य को संगठित नकल गिरोहों के पास बंधक नहीं बनाया जा सकता। दोषियों को ऐसी कड़ी सजा मिलनी चाहिए जो मिसाल बने और ऐसी व्यवस्थागत सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ऐसी घटनाएं कभी दोबारा न हों।"मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया केवल आश्वासनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह प्रत्यक्ष कार्रवाई के रूप में दिखनी चाहिए, जो उन छात्रों का विश्वास बहाल करे, जिन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों बिताये हैं।

गौरतलब है कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के कारण देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं, जहां छात्र, अभिभावक और विपक्षी दल जवाबदेही, पारदर्शी जांच और भारत की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली की साख बचाने के लिए बड़े सुधारों की मांग कर रहे हैं।

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