अलवर , अक्टूबर 31 -- केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिजनों को लेकर की जा रही कथित अमर्यादित टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री और उनके माता-पिता के लिए जिन शब्दों का चयन किया जा रहा है, वह हमारे संस्कार और संस्कृति के खिलाफ है।

श्री सिंधिया ने शनिवार को राजस्थान में अलवर में जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध और आलोचना का अपना स्थान है, लेकिन विरोध के नाम पर भाषा की मर्यादा नहीं भूलनी चाहिए। जनता का विश्वास नहीं जीत पा रहे हैं तो जनता के बीच जाएं, अपना एजेंडा रखें और अपने विचारों के माध्यम से लोगों का समर्थन हासिल करें, लेकिन झूठ, फरेब और अराजकता फैलाकर लोकतंत्र पर धब्बा लगाने का प्रयास नहीं करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार या जनप्रतिनिधि पर आरोप लगाने के लिए तथ्य और तर्क होने चाहिए। अपनी बात रखने के लिए देश में संवैधानिक मंच और लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं मौजूद हैं। जनता अपने मताधिकार से सरकार और जनप्रतिनिधियों का चयन करती है। ऐसे में लोकतांत्रिक व्यवस्था का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है।

श्री सिंधिया ने लोकतंत्र और संविधान को देश की 140 करोड़ जनता की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन राष्ट्र और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।

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