सहारनपुर , जून 19 -- सहारनपुर में प्रधानमंत्री नगरीय आवास योजना में पात्रों के चयन में गड़बड़ी और दस्तावेजों में हेराफेरी की शिकायतें की जांच के लिये एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है।
कमिश्नर डा. रूपेश कुमार ने एडीएम प्रशासन संतोष बहादुर सिंह, जिला कोषाधिकारी सूरज कुमार एवं एसडीएम सदर सुबोध कुमार सिंह की सदस्यता वाली तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। देवबंद क्षेत्र के बास्तम गांव निवासी मेरठ प्रांत बजरंग दल के पूर्व संयोजक विकास त्यागी ने शिकायत में कहा था कि प्रधानमंत्री नगरीय आवास योजना में पात्रों के चयन में बड़े स्तर पर अनियमितताएं की गई हैं और संबंधित विभागों के कुछ जिम्मेदार कर्मचारियों ने अपने पद का दुरूपयोग कर कुछ प्लाटों पर रिकार्डों में हेराफेरी कर अनेक आवासों की धनराशि लेकर हड़प कर ली।
तीन किश्तों में लाभार्थी को एक आवास बनाने के लिए ढाई लाख रूपए मिलते हैं। लाभार्थी की पात्रता यह है कि उसका शहरी क्षेत्र में 80 गज का अपना खुद का प्लाट हो, उसका पूरे देश में कहीं भी पक्का मकान ना हो और वार्षिक आय तीन लाख रूपए से कम हो। आवेदन आन लाइन होते हैं। नगर निगम और तहसील विभाग तथ्यों की जांच कर डूडा को अपनी रिपोर्ट प्रेषित करते हैं। कई चरणों में गहरी छानबीन के बाद पात्रों का चयन किया जाता है और दी गई धनराशि के इस्तेमाल की समय-समय पर उच्चाधिकारी भी मौके पर जाकर जांच पड़ताल करते हैं।
बजरंग दल के पूर्व संयोजक विकास त्यागी ने कंप्यूटर इंचार्ज अहतमाम पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। अहतमाम का भाई गांव प्रधान भी है। विकास त्यागी का कहना था कि लाभार्थियों में बहुत बड़ी संख्या में मुसलमान शामिल किए गए। अहतमाम ने कमिश्नर के समक्ष पेश होकर अपनी सफाई दी। डूडा ने ऐसे ही एक मामले में 17 अप्रैल को कोतवाली देहात में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।
डूडा अधिकारी कृष्ण राज सिंह ने आज बताया कि पहले चरण में 35214 लाभार्थियों को ढाई लाख रूपए के हिसाब से भुगतान हुआ। जिसमें से 34645 लाभार्थियों ने अपने मकान पूरे कर लिए। 565 लाभार्थियों के मकान किसी कारण से अधूरे पड़े हैं। दूसरे चरण में 16076 पात्रों की डीपीआर बनी है। 11057 लाभार्थियों को पहली किश्त मिल चुकी है। डूडा अधिकारी कृष्ण राज सिंह का कहना है कि उन्हें नहीं लगता कि जांच में कोई भारी अनियमितता सामने आएगी।
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