रायपुर , अक्टूबर 16 -- छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत नौ बैगा जनजाति के हितग्राहियों से आवास निर्माण के नाम पर पांच लाख नौ हजार रुपये लेकर निर्माण कार्य नहीं करने के आरोप में दो ठेकेदारों के खिलाफ अलग-अलग थानों में प्राथमिकी दर्ज की गयी है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शुक्रवार को मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि गरीबों के आवास निर्माण में अनियमितता और हितग्राहियों की राशि के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड की ग्राम पंचायत राजाढ़ार और आमानारा में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के हितग्राहियों से राशि लेने के बावजूद आवास निर्माण नहीं किये जाने की शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों के आधार पर चिल्फी और तरेगांव जंगल थानों में दो ठेकेदारों के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया है।
ग्राम पंचायत राजाढ़ार के पांच हितग्राहियों से कुल तीन लाख 20 हजार रुपये लेने के आरोप में ठेकेदार कुमार मेरावी के खिलाफ 14 अक्टूबर को चिल्फी थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। शिकायत के अनुसार, ठेकेदार ने देवसिंह, मंधोर बाई, पुसीया बाई और ननकी बाई से 60-60 हजार रुपये तथा कौशिल्या बाई से 80 हजार रुपये लिए थे। करीब डेढ़ वर्ष बीतने के बावजूद न तो आवास निर्माण कराया गया और न ही राशि लौटाई गयी।
इसी तरह ग्राम पंचायत आमानारा में चार हितग्राहियों से एक लाख 89 हजार रुपये लेने की शिकायत पर ठेकेदार तुमेश गोड़ के विरुद्ध 13 अक्टूबर को तरेगांव जंगल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। शिकायत के मुताबिक, बैसाखू बैगा से 64 हजार रुपये, सुकोर बाई से 60 हजार रुपये, सोनिया बाई से 45 हजार रुपये और रनो बाई से 20 हजार रुपये लिए गये थे।
श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से दूरस्थ वनांचलों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र परिवार तक आवास योजना का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जा रहा है। आवास निर्माण के लिए स्वीकृत राशि पर केवल संबंधित हितग्राही का अधिकार है। इस राशि का दुरुपयोग करने या निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वालों को किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।
श्री शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को आवास निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने और हितग्राहियों को निर्धारित समय पर आवास उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गरीबों के अधिकारों की रक्षा और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
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