हरदा , अक्टूबर 09 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को हरदा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगर-मालवा के नवीन कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में सहभागिता की और किसानों से सीधा संवाद किया। कृषक कल्याण वर्ष के तहत आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने किसानों से कृषि गतिविधियों, शासन की किसान हितैषी योजनाओं से मिल रहे लाभ, कृषि क्षेत्र में नवाचार और उनकी आवश्यकताओं पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह प्रदेश के लिए 90 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव लेकर आए हैं। आगर में 3,800 करोड़ रुपये की मैक्केन फूड परियोजना शुरू हो रही है, जिससे दो हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने बताया कि आगर-मालवा जिले के लालूखेड़ी में 200 करोड़ रुपये की लागत से आलू प्रसंस्करण उद्योग स्थापित किया जा रहा है। इससे क्षेत्र में आलू की खेती को प्रोत्साहन मिलेगा और किसानों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

डॉ. यादव ने कहा कि पशुपालन किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। आगर और सुसनेर का संतरा देशभर में भेजा जा रहा है। जिले के संतरे ने नागपुर को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि आगर-मालवा गौपालन के लिए भी विशेष पहचान रखता है और जिले में जैविक दूध उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है। सांची दुग्ध ब्रांड की बाजार हिस्सेदारी 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगर जिला सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में भी अपनी पहचान रखता है। प्रदेश में बिजली, सिंचाई के लिए पानी और सड़कों का व्यापक नेटवर्क उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक गेहूं की खरीदी 2,700 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से की जाएगी।

उन्होंने बताया कि सालरिया स्थित गौ-अभयारण्य और जिले की अन्य गौशालाओं में 20 हजार से अधिक गोवंश की देखभाल की जा रही है। सरकार गौशालाओं को प्रत्येक गोवंश के लिए प्रतिदिन 40 रुपये प्रदान कर रही है। गौपालन को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार योजना के तहत प्रत्येक विकासखंड में प्रथम पुरस्कार पाने वाले पशुपालक को एक लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार विजेता को 50 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार विजेता को 25 हजार रुपये दिए जाएंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिनायगा-बड़ौद के प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने वाले किसान राधेश्याम परिहार तथा आखाखेड़ी-तनोडिया के प्राकृतिक अरहर उत्पादक किसान रोहित शर्मा सहित अन्य प्रगतिशील किसानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। उन्होंने किसानों से खेती की पद्धतियों और उनसे होने वाले लाभ की जानकारी लेकर उनके प्रयासों की सराहना की।

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