नैनीताल , अक्टूबर 14 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने प्रदेश में सहायक अध्यापकों के 451 पदों की भर्ती पर लगी रोक को हटा दिया है। इससे इन पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है।

इस मामले को याचिकाकर्ता सूरज गैरोला, मनोज पांडे और अन्य ने चुनौती दी थी। साथ ही मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में हुई।

याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि वर्ष 2019-20 में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सहायक अध्यापक प्राथमिक शिक्षा के 2287 पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की थी। कोरोनाकाल में सीटीईटी परीक्षा में देरी के कारण डीएलएड उत्तीर्ण कई अभ्यर्थी पात्र नहीं हो पाए। इस पर उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका में ऐसे अभ्यर्थियों को विशेष छूट देने के निर्देश दे दिए।

तत्कालीन शिक्षा सचिव ने 20 सितंबर 2021 को उच्च न्यायालय में लिखित वक्तव्य (अंडरटेकिंग) दिया कि ऐसे अभ्यर्थियों को छूट दी जाएगी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने 11 अक्टूबर 2021 को 451 पदों के लिए विज्ञप्ति जारी कर दी लेकिन तब से अब तक नियुक्ति नहीं हुई।

इन पदों के लिए तब बीएड अभ्यर्थियों ने भी आवेदन किया था। वर्ष 2022-23 में उच्चतम न्यायालय ने देवेश शर्मा बनाम अन्य मामले में निर्णय दिया कि प्राथमिक शिक्षा के सहायक अध्यापक पद के लिए बीएड धारक पात्र नहीं होंगे। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि इसके बावजूद विभाग ने नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई।

सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने विभाग को 451 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित