भोपाल , अगस्त 28 -- मध्यप्रदेश में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शुक्रवार को विभिन्न जेलों में भाई-बहन के स्नेह और भावनाओं के मार्मिक दृश्य देखने को मिले। ग्वालियर, बैतूल, मुरैना और विदिशा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों की जेलों में बंद भाइयों से मिलने और उनकी कलाई पर राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में बहनें पहुंचीं। जेल प्रशासन ने पर्व को देखते हुए विशेष मुलाकात और सुरक्षा व्यवस्थाएं की थीं।
ग्वालियर केंद्रीय जेल में रक्षाबंधन पर आठ हजार से अधिक महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं। जेल प्रशासन ने खुले परिसर में मुलाकात की व्यवस्था की थी। प्रवेश से पहले महिलाओं की तीन स्थानों पर कड़ी जांच की गई। सुरक्षा कारणों से बाहर से किसी भी प्रकार की सामग्री जेल के अंदर ले जाने पर रोक रही। जेल प्रशासन की ओर से बहनों को राखी, मंगल तिलक के लिए कुमकुम-अक्षत और मिठाई की किट उपलब्ध कराई गई। बहनों ने भाइयों का तिलक कर राखी बांधी और मिठाई खिलाई। लंबे समय बाद मुलाकात के भावुक क्षणों में कई भाई-बहनों की आंखें नम हो गईं। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी गई।
बैतूल जिला जेल में भी करीब 800 बहनों ने अपने बंदी भाइयों से मुलाकात कर राखी बांधी। दोपहर तीन बजे तक करीब 300 बंदियों से 800 बहनें मुलाकात कर चुकी थीं। इस अवसर पर आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदियों के लिए विशेष व्यवस्था करते हुए करीब 50 बच्चों को उनके पिता के साथ बैठकर भोजन कराया गया। लंबे समय बाद बच्चों को सामने देखकर कई बंदी भावुक हो गए। जेल अधीक्षक योगेंद्र तिवारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बंदियों को परिवार और बच्चों से भावनात्मक रूप से जोड़ना तथा उन्हें बेहतर जीवन के लिए प्रेरित करना है।
मुरैना जिला जेल में भी सुबह से ही बहनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। जेल अधीक्षक एसके शर्मा के अनुसार दोपहर 12 बजे तक करीब 400 बहनें अपने भाइयों को राखी बांध चुकी थीं। बहनों को राखी बांधने के लिए दोपहर तीन बजे तक का समय निर्धारित किया गया था। जेल परिसर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जांच की गई तथा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई।
विदिशा जिला जेल में भी रक्षाबंधन पर विशेष व्यवस्थाएं की गईं। बहनों को बंदी भाइयों से राखी बांधने के लिए मुलाकात का अवसर दिया गया। इस दौरान ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की दीदियों ने भी बंदियों को राखी बांधकर उन्हें अपराध से दूर रहने का संकल्प दिलाया। वहीं विदिशा के श्री हरि वृद्ध आश्रम में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वृद्ध माताओं से राखी बंधवाई। कुछ कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षों को भी रक्षा सूत्र बांधे।
प्रदेश की जेलों में सुरक्षा के साथ-साथ पारिवारिक और भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए की गई इन व्यवस्थाओं से रक्षाबंधन का पर्व विशेष बन गया। जेल की चारदीवारी के बीच भाई-बहनों और पिता-बच्चों के मिलन के भावुक दृश्यों ने पर्व के मानवीय पक्ष को सामने रखा।
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