भोपाल , अगस्त 03 -- मध्य प्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर प्रदेशभर के पटवारी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। संघ ने कहा है कि लंबित मांगों पर शासन की ओर से ठोस और सकारात्मक निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
पटवारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेन्द्र बघेल ने बताया कि मांगों को लेकर पहले चरणबद्ध आंदोलन किया गया। इसके तहत पटवारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया, शासकीय व्हाट्सएप समूहों का बहिष्कार किया और ऑनलाइन कार्यों से भी दूरी बनाई। इसके बावजूद मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं होने के कारण अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई है।
संघ का कहना है कि मध्य प्रदेश में पटवारियों को देश के कई राज्यों की तुलना में सबसे कम ग्रेड पे मिलता है। संघ के अनुसार उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में 2800, कर्नाटक में 3600 तथा उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में 4200 ग्रेड पे दिया जा रहा है।
हड़ताल के कारण राजस्व विभाग से जुड़ी 12 से अधिक ऑनलाइन सेवाओं के प्रभावित होने की संभावना है। इनमें ई-टोकन, वेब जीआईएस, रिकॉर्ड अद्यतन, सारा पोर्टल, सारा एप्लिकेशन, आरसीएमएस, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, लघु सिंचाई गणना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से संबंधित रिकॉर्ड सत्यापन, रिकॉर्ड स्कैनिंग, राजस्व वसूली तथा किसान पंजीयन जैसी सेवाएं शामिल हैं।
इसके अलावा नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, खसरा-खतौनी, गिरदावरी, अतिक्रमण संबंधी कार्रवाई, कब्जा दिलाने, कानून-व्यवस्था से जुड़े राजस्व दायित्व तथा अन्य मैदानी और कार्यालयीन कार्यों पर भी असर पड़ने की संभावना है।
पटवारी संघ का आरोप है कि लगातार नए ऑनलाइन और मैदानी कार्यों का दायित्व सौंपा जा रहा है, जबकि वर्षों से लंबित वेतनमान, ग्रेड पे और पदोन्नति संबंधी मांगों का समाधान नहीं किया गया है। संघ ने जनहित को ध्यान में रखते हुए शासन से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।
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