पटना , जुलाई 09 -- ्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सात निश्चय योजना-3 के तहत बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (कॉम्फेड) एवं जीविका के संयुक्त तत्वावधान में राज्य के 8053 पंचायतों में 'जीविका-सुधा बिक्री केंद्र' स्थापित किए जाएंगे। इन बिक्री केंद्रों का संचालन जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएँ करेंगी। इस पहल से जहां एक ओर ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर स्थायी आजीविका एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, वहीं दूसरी ओर सुधा के गुणवत्तापूर्ण दुग्ध एवं दुग्ध-उत्पाद ग्रामीण उपभोक्ताओं तक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिलेगी वित्तीय सहायता- जीविका-सुधा बिक्री केंद्र के लिए चयनित महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 60,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त लाभार्थी महिला को 15,000 रुपये का अंशदान स्वयं करना होगा। इस प्रकार कुल 75 हजार रुपये की पूँजी का उपयोग डीप फ्रीजर, विसी कूलर, परिवहन सहायता सहित डेयरी उत्पादों की खरीद सहित अन्य आवश्यक पूंजीगत व्ययों के लिए किया जाएगा, जिससे बिक्री केंद्र का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके।

इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक महिला जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य हो तथा मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से आच्छादित हो। उनसे जुडी जानकारी लोकोस एप्लीकेशन पर अद्यतन हो एवं उन्होंने समूह से प्राप्त सभी ऋण चुका दिए हों। उनके पास पंचायत क्षेत्र में स्वयं की अथवा किराये की दुकान होना आवश्यक है। दुकान का क्षेत्रफल न्यूनतम 70 वर्ग फुट होना चाहिए। साथ ही दुकान में बिजली की समुचित व्यवस्था एवं सड़क संपर्क उपलब्ध होना अनिवार्य है,जिससे उत्पादों का भंडारण एवं ग्राहकों की आवाजाही सुगमता से हो सके।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित