तेहरान , फरवरी 09 -- ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के अध्यक्ष मोहम्मद इस्लामी ने कहा है कि अगर उसके ऊपर लगाए गए प्रतिबंध हटा लिए जाते हैं तो वह अपने 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम को विलय करने पर विचार कर सकता है।

यूरेनियम को विलय करने का मतलब है उसे 'ब्लेंड मटेरियल' के साथ मिलाना ताकि उसका संवर्धन स्तर कम हो जाए। इससे यूरेनियम का अंतिम रूप एक तय संवर्धन सीमा से ज़्यादा नहीं होता।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ईरानी छात्र समाचार एजेंसी (इसना) ने सोमवार को श्री इस्लामी के हवाले से कहा कि ईरान और अमेरिका राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ परमाणु मुद्दों पर भी चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ ईरान के संबंध जारी हैं। उन्होंने कहा कि जून 2025 में ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के सैन्य हमले के संबंध में एजेंसी की एक अनसुलझी ज़िम्मेदारी है।

रिपोर्ट में श्री इस्लामी के हवाले से कहा गया कि अगर ईरान आईएईए की देखरेख में है, उसके पास एजेंसी का प्रमाण पत्र है और वह एजेंसी के भरोसेमंद ढांचे का हिस्सा है तो आईएईए इस घटना पर चुप नहीं रह सकता। श्री इस्लामी ने कहा कि जून में इजरायली और अमेरिकी हमलों में जिन परमाणु ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया था, वहां आईएईए के निरीक्षकों ने लगातार सहयोग के ढांचे के तहत और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की इजाज़त से दौरे किये हैं।

उन्होंने कहा कि जिन जगहों को नुकसान नहीं हुआ था, वहां युद्ध के बाद निरीक्षण हुए हैं। आने वाले दिनों में कुछ दूसरी सुविधाओं का दौरा भी तय है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि आईएईए के नियमों के तहत ईरान के अधिकारों को बनाए रखा जाना चाहिए। श्री इस्लामी ने कहा कि एजेंसी का काम ईरान और सभी देशों के लिए परमाणु तकनीक के शांतिपूर्ण इस्तेमाल को बढ़ावा देना और समर्थन करना है।

श्री इस्लामी ने एक और बयान में कहा कि 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम को तनुकृत करने की कोई भी संभावना प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटाने पर निर्भर है।

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