प्रताप गढ़ , अगस्त 23 -- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। कुंडा तहसील में साढ़े चार लाख किसानों ने फर्जी पंजीकरण कराकर तीन अरब 15 करोड़ रूपये का घपला किया है।

इसका खुलासा कृषि निदेशालय दिल्ली और केंद्रीय सतर्कता आयोग की जांच में हुआ है। फर्जीवाड़ा में प्रयागराज , कौशाम्बी , अमेठी व सुल्तान पुर के लोग शामिल है। फर्जीवाड़ा में शामिल किसानों ने पी एम किसान पोर्टल पर 2019 , 2020 में डायरेक्ट एंट्री से फर्जी अभिलेखों के माध्यम से पंजीकरण कराया है , किस्तो के भुगतान होने के बाद कृषि निदेशालय दिल्ली ने आन लाइन जांच प्रारंभ की तो दूसरे जिले के किसान प्रताप गढ़ से सम्मान निधि लेते पाए गए।

अधिकृत सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शासन ने 10 जुलाई को जिलाधिकारी को पत्र भेजकर विधिक कार्यवाही का निर्देश दिया। इस पर जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने गत नौ अगस्त को पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर को पत्र लिखकर मामले की प्राथमिकी दर्ज करने को कहा है।

मामला यहीं खत्म नहीं हुआ है कुंडा तहसील में 65 हजार 924 लाभार्थी अभी भी जांच के दायरे में है जिनके अभिलेखों का सत्यापन हो रहा है।

पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने आज बताया है कि जिलाधिकारी का पत्र प्राप्त हुआ है साइबर सेल से फर्जीवाड़े में शामिल आई पी एड्रेस लेकर प्राथमिकी दर्ज करायी जाएगी।

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