सरगुजा , अगस्त 31 -- छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग स्थित प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में ग्राम पंचायत जजावल के जंगल में हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। क्षेत्र में एक सप्ताह के भीतर हाथी के हमले से यह दूसरी मौत है, जिससे ग्रामीणों में भय के साथ वन विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ गई है।
आज प्राप्त जानकारी के अनुसार करमचंद (38) शनिवार शाम जंगल की ओर गया था, लेकिन देर तक वापस नहीं लौटा। रविवार सुबह परिजन और ग्रामीण उसकी तलाश में जंगल पहुंचे। वहां करमचंद का शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। घटनास्थल के आसपास हाथी के पैरों के निशान भी पाए गए। इसके बाद ग्रामीणों ने घटना की जानकारी परिजनों और वन विभाग को दी।
वन विभाग के कर्मचारियों के मौके पर देरी से पहुंचने को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने वन कर्मियों को घेर लिया और हाथियों की लगातार बढ़ती गतिविधियों तथा हमलों को लेकर नाराजगी जताई।
इस दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा, "हाथी को अपने घर ले जाकर बांध लो। ये अब इंसानों के दुश्मन बन गए हैं।" बाद में समझाइश के बाद ग्रामीण शांत हुए। वन विभाग की टीम ने स्थिति को नियंत्रित कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रतापपुर क्षेत्र में हाथी के हमले से एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी मौत है। इससे पहले भी इसी इलाके में हाथी ने एक व्यक्ति को कुचल दिया था। उस घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम किया था। इसके बावजूद फिर हुई घटना ने क्षेत्र में हाथियों से सुरक्षा के इंतजामों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
उल्लेखनीय है कि सरगुजा संभाग में हाथी-मानव संघर्ष के कारण लगातार जनहानि के मामले सामने आते रहे हैं। पिछले पांच सालों में सरगुजा संभाग भर में हाथियों ने 182 लोगों को कुचला है, जिससे लोगों की जानें गई है। इसके बदले विभाग ने 11.63 करोड़ का मुआवजा भी बांटा है।
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