प्रतापगढ़ , सितंबर 16 -- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में क्राइम ब्रांच ने संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी फर्मों के नाम पर करंट और कॉरपोरेट खाते खुलवाकर देशभर में ऑनलाइन सट्टेबाजी, ट्रेडिंग फ्रॉड और साइबर ठगी से प्राप्त रकम का लेन-देन करते थे।
अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) आलोक कुमार ने बुधवार को पुलिस लाइन में पत्रकारों को बताया कि क्राइम ब्रांच ने 15 सितंबर को कार्रवाई करते हुए शाकिब खान पुत्र स्वर्गीय सगीर खान, निवासी फ्रेजर रोड, पटना (मूल निवासी थाना लासा, वाराणसी) और संदीप कुमार पुत्र टुनटुन लाल रजक, निवासी बंदर बगीचा, पटना, बिहार को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि कोतवाली देहात थाने में 16 जुलाई को भुवालपुर डोमीपुर निवासी डॉ. सुमनेश सिंह के बड़ौदा यूपी बैंक, मोहनगंज शाखा स्थित खाते से बिना सूचना 2.50 लाख रुपये साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से निकाले जाने के संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के गिरोह से जुड़े होने की जानकारी मिली।
पुलिस ने आरोपियों और उनके वाहन की तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में अभिलेख एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए। पूछताछ और साक्ष्यों के विश्लेषण में सामने आया कि आरोपी शाकिब खान अपने पिता के विज्ञापन व्यवसाय की आड़ में कथित रूप से संगठित साइबर ठगी नेटवर्क संचालित कर रहा था।
पुलिस के प्रारंभिक विश्लेषण के अनुसार, करीब एक वर्ष की अवधि में आरोपियों द्वारा नियंत्रित बैंक खातों के माध्यम से लगभग 42.65 करोड़ रुपये (42,65,23,649 रुपये) की संदिग्ध साइबर धोखाधड़ी राशि का लेन-देन पाया गया है। पुलिस संबंधित राज्यों की साइबर अपराध इकाइयों से समन्वय स्थापित कर मामले की आगे की विवेचना कर रही है।
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