हैदराबाद , मार्च 08 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा है कि राज्य सरकार महिलाओं को अधिक पहचान और अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में महिलाओं को कलेक्टर, एसपी और विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुख जैसे अहम पदों पर नियुक्त किया जा रहा है।

श्री रेड्डी ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राज्य सरकार के तत्वावधान में प्रजा भवन में कार्यक्रम में शिरकत करते हुए कहा कि तेलंगाना राज्य का गठन कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की प्रेरणा से हुआ था और राज्य सरकार महिलाओं को अधिक पहचान और अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।

श्री रेड्डी ने महिलाओं के लिये शुरू की गयी कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा शुरू की है। इसके अलावा महिला स्वयं सहायता समूहों को 1,000 आरटीसी बसों और 1,000 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्रों का मालिक बनाने की पहल की गई है।

उन्होंने बताया कि महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के विपणन के लिए अमेज़न के साथ समझौता किया गया है और हाईटेक सिटी के पास महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए 150 स्टॉल स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य 2047 तक तेलंगाना को तीन ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है और वर्तमान लगभग 200 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था को अगले आठ वर्षों में तेजी से बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हैदराबाद देश का सबसे बेहतर शहर है और सरकार इसे न्यूयॉर्क और टोक्यो जैसे वैश्विक शहरों की बराबरी में लाने के लिए कदम उठा रही है। इसके तहत रेड और ऑरेंज श्रेणी के उद्योगों को आउटर रिंग रोड हैदराबाद के बाहर स्थानांतरित किया जाएगा और दिसंबर तक 2,500 डीजल आरटीसी बसों की जगह इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। ईवी वाहनों पर शून्य कर लागू किया गया है और जल्द ही कॉलेज की छात्राओं को ईवी स्कूटर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने मूसी नदी के रिवरफ्रंट विकास की योजना का भी जिक्र किया और कहा कि परियोजना के कारण प्रभावित परिवारों को उचित सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नदी के 50 मीटर बफर जोन के भीतर बने निर्माणों का कोई कानूनी महत्व नहीं है और सरकार प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर काम कर रही है।

श्री रेड्डी ने बताया कि 13 मार्च को मूसी रिवरफ्रंट परियोजना पर पावरपॉइंट प्रस्तुति दी जाएगी। इसके साथ ही महात्मा गांधी के नाम पर गांधी विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए 200 करोड़ रुपये प्रस्तावित किये गये हैं।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाये जा रहे भ्रामक या झूठे नैरेटिव के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए एक विशेष मंच बनाया जाएगा। पत्रकारों को घर के प्लॉट देने के मुद्दे पर जल्द निर्णय लेने का आश्वासन देते हुए उन्होंने फ्यूचर सिटी में पत्रकारों के लिए विशेष कॉलोनी विकसित करने की योजना की भी जानकारी दी।

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