तिरुवनंतपुरम , मई 20 -- प्रख्यात मलयालम लेखिका और उपन्यासकार के.आर. मीरा को 'प्रो. ए. सुधाकरन पुरस्कार' के लिए चुना गया है।
दिवंगत प्रो. ए. सुधाकरन की याद में तिरुवनंतपुरम जिला समिति द्वारा स्थापित यह पुरस्कार लेखिका को समकालीन मलयालम साहित्य में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जा रहा है, जो मजबूत राजनीतिक चेतना एवं प्रगतिशील मूल्यों के प्रति अडिग प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है।
चयन समिति ने इस बात पर जोर दिया कि उनके लेखन ने समकालीन भारत की राजनीतिक वास्तविकताओं से सीधे जुड़ते हुए लैंगिक न्याय और सामाजिक समानता पर सार्वजनिक विमर्श को काफी प्रभावित किया है।
चयन समिति ने कहा कि आज के सामाजिक-राजनीतिक माहौल में के. आर. मीरा के साहित्यिक हस्तक्षेप का विशेष महत्व है, खासकर लेखन और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से सांप्रदायिक एवं विभाजनकारी प्रवृति के खिलाफ उनके निरंतर प्रतिरोध की दृष्टि से।
साहित्य अकादमी पुरस्कार, केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार, ओदक्कुझल पुरस्कार और वायलर पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित सुश्री मीरा को ऐसे सशक्त पात्रों और कहानियों की रचना के लिए व्यापक रूप से सराहा जाता है जो पाठकों के लिए नये सामाजिक और राजनीतिक आयाम खोलते हैं।
इस पुरस्कार के तहत 10,000 रुपये की नकद राशि, एक प्रशस्ति पत्र और कलाकार करैक्कमंडपम विजयकुमार द्वारा तैयार की गयी एक मूर्ति प्रदान की जाएगी। पुरस्कार समिति में एस. राहुल संयोजक के रूप में और अशोकन चरूविल, आर. पार्वती देवी, आर. गिरीश कुमार और श्रीवरहम मुरली सदस्य के रूप में शामिल थे।
इसी बीच, एम.ए. मलयालम में प्रथम स्थान प्राप्त करने वालीं आदित्य एस.पी. को 'एकेजीसीटी स्पेशल अवार्ड' और डॉ. एस. राजशेखरन के नाम पर स्थापित एंडोमेंट के लिए चुना गया है।
ये पुरस्कार पांच जून को प्रो. ए. सुधाकरन की पुण्यतिथि के अवसर पर दोपहर 3:30 बजे तिरुवनंतपुरम के यूनिवर्सिटी कॉलेज सभागार (ऑडिटोरियम) में आयोजित होने वाले एक समारोह में प्रदान किये जाएंगे।
इस स्मृति कार्यक्रम के हिस्से के रूप में बालसंघम की तिरुवनंतपुरम जिला समिति द्वारा बच्चों के लिए आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कार वितरित किये जाएंगे।
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