जयपुर , दिसम्बर 18 -- राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि भारतीय संस्कृति की प्रकृति के सम्मान की परंपराओं को राज्य सरकार ने अपनी नीतियों एवं अभियानों का प्रेरणास्रोत बनाया है।

श्री शर्मा गुरुवार को जयपुर में आयोजित हरियालो राजस्थान पर्यावरण कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि पर्यावरण संरक्षण का व्यक्तिगत संकल्प लेते हुए वे राजस्थान को विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अग्रणी बनाएं ताकि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य मिले। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हमारी देश और प्रदेश की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। हम नदियों, पर्वतों, वृक्षों, धरती, सूर्य को पूजते हैं, क्योंकि जीवन की निरंतरता प्रकृति के संरक्षण पर ही निर्भर है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में 'खेजड़ली का बलिदान' पर्यावरण संरक्षण का सबसे बड़ा उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण और जल संकट जैसी गंभीर चुनौतियों के दृष्टिगत राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाया है। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के माध्यम से पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन और जलाशयों की स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ा गया है वहीं कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के माध्यम से प्रवासी राजस्थानियों को जोड़ते हुए 14 हजार से अधिक ग्राउंड वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर्स का निर्माण करवाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से प्रेरित हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत दो वर्ष में लगभग बीस करोड़ पौधे लगाए गए हैं।

श्री शर्मा ने कहा कि ग्रीन बजट जलवायु परिवर्तन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। क्लाइमेट एक्शन प्लान-2030 और क्लीन और ग्रीन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए प्रदेश में सतत् वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों द्वारा मोबाइल वैन के माध्यम से रियल टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने राज्य सरकार सर्कुलर इकोनॉमी इंसेंटिव स्कीम 2025 लेकर आई है। प्रदेश में ई-वेस्ट, प्लास्टिक वेस्ट और बैटरी वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण के लिए अधिकृत इकाइयां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध जन-जागरूकता और रिवर्स वेंडिंग मशीनों के माध्यम से प्लास्टिक संग्रह को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश को ग्रीन इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य किया जा रहा हैं।

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कार्य हो रहे हैं। प्रदेश में भूजल स्तर सुधरा है और वन क्षेत्र का भी विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। आमजन को प्रदेश को हरित और स्वच्छ बनाने में सक्रिय योगदान देना चाहिए।

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